चल मेरा खलिहान देख ले .. - शब्दबाण

शब्दबाण

A blog about new idea, command men issue, motivational and many more article in hindi

test banner

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Monday, 9 May 2016

चल मेरा खलिहान देख ले ..

कैसा है शमशान देख ले, चल मेरा खलिहान देख ले ।
अगर देखना है मुर्दा, तो चलकर एक किसान देख ले।
सर्वनाश का सर्वे कर कर, पटवारी धनवान देख ले।
सिर्फ अंगूठा लिया सेठ ने, कितना मेहरबान देख ले।
मरहम मे रख नमक लगाते, सरकारी अहसान देख ले।
देहरी पर मेसी फर्गुसन , भीतर बिया बान देख ले।
मानसून तक मनमाना है, बस बेवस मुस्कान देख ले।
कुर्की की डिक्री पर अंकित,  गिरता मकान देख ले ।
कल पेशी है तहसीलो मे, कोदो कुटकी धान देख ले।
सम्मन मिला कचेहरी से, अधिग्रहण फरमान देख ले ।
तस्वीरो के पार झाकंकर,  गाँवो का उत्थान देख ले।
आ इंडिया से बाहर आ, आकर मेरा हिन्दुस्तान देख ले।
अवधेश वर्मा
छात्र-: पत्रकारिता एंव जनसंचार (देंसविवि)
सम्पर्क-: 08004866059

1 comment:

Write Your Comments....

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here